
भेल जंबूरी मैदान में दशहरा आयोजन से पहले की गई बेरीकेडिंग।
भोपाल. भोपाल के भेल जंबूरी मैदान में 52 साल से आयोजित हो रहे दशहरा महोत्सव पर इस बार संकट खड़ा हो गया है। 20 अक्टूबर को आयोजन होना है, लेकिन मैदान के एक हिस्से में अब भी एनएचएआई की बेरीकेडिंग और निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे मौजूद हैं।
खास बात यह है कि संबंधित जमीन पर भेल ने अपने स्वामित्व का बोर्ड लगा दिया है, इसके बावजूद मौके पर एनएचएआई का कब्जा बना हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि स्वामित्व का बोर्ड लगाने के बाद भी भेल मैदान को खाली क्यों नहीं करा पाया।
स्वामित्व का बोर्ड लगा, कब्जा बरकरार
दशहरा मैदान की जमीन पर भेल की ओर से स्वामित्व का बोर्ड लगाया गया है। उस समय भेल के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से जल्द ही कब्जा हटवाकर जमीन खाली कराने की बात कही गई थी। इसके बावजूद मैदान में एनएचएआई के कार्यालय के लिए की गई बेरीकेडिंग और निर्माण संबंधी गतिविधियां जारी हैं। आयोजन समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि दशहरा महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में मैदान को समय रहते खाली नहीं कराया गया तो आयोजन की तैयारियों के लिए पर्याप्त समय नहीं बचेगा।

भेल जंबूरी मैदान में दशहरा आयोजन से पहले की गई बेरीकेडिंग।
52 साल से हो रहा दशहरा महोत्सव
जंबूरी मैदान स्थित आनंद नगर दशहरा मैदान पर पिछले 52 वर्षों से दशहरा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। आनंद नगर और आसपास के तीन वार्डों में करीब दो लाख लोग रहते हैं। आयोजन में करीब एक लाख क्षेत्रवासियों के शामिल होने का दावा आयोजन समिति की ओर से किया गया है। ऐसे में मैदान के एक हिस्से में निर्माण के लिए की गई घेराबंदी और गड्ढों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। आयोजन से जुड़े संगठनों का कहना है कि मैदान को समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया तो तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
आयोजन को लेकर हिंदू संगठनों में नाराजगी
मैदान में अतिक्रमण को लेकर हिंदू उत्सव समिति और विश्व हिंदू परिषद ने विरोध जताया है। दोनों संगठनों का कहना है कि दशहरा महोत्सव धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है और इसके लिए मैदान को समय पर खाली कराया जाना चाहिए। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि समिति पहले भी इस मुद्दे का विरोध कर चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बार दशहरा उत्सव के आयोजन में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए, अन्यथा समिति प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।
विश्व हिंदू परिषद के विभाग सहमंत्री हरिओम शर्मा ने कहा कि प्रशासन से जंबूरी मैदान से अतिक्रमण हटवाकर दशहरा महोत्सव के आयोजन की व्यवस्था कराने का आग्रह किया गया है।
‘52 साल की तरह इस बार भी होगा आयोजन’
दशहरा सांस्कृतिक कल्याण समारोह कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश यादव ने कहा कि 20 अक्टूबर को दशहरा महोत्सव प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि पिछले 52 वर्षों की परंपरा के अनुसार इस बार भी दशहरा महापर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
