बीएचईएल भोपाल में ‘ग्रीनको सर्टिफिकेशन’ के लिए दो दिवसीय ऑडिट
भोपाल. भेल भोपाल में पर्यावरण मानकों के अनुरूप ‘ग्रीनको सर्टिफिकेशन’ प्राप्त करने के उद्देश्य से मैसर्स सीआईआई द्वारा आयोजित दो दिवसीय ऑडिट किया गया। तीन सदस्यीय ऑडिटर दल ने इकाई के विभिन्न मानकों की बारीकी से जांच की। ऑडिट की मुख्य बैठक की अध्यक्षता बीएचईएल भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रदीप कुमार उपाध्याय ने की। उन्होंने ऑडिट टीम को इकाई द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे महत्वपूर्ण प्रयासों से अवगत कराया। बैठक में सभी महाप्रबंधक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सतत विकास और नेट जीरो पर जोर
ऑडिट का समापन एचएसई विभाग में आयोजित बैठक के साथ हुआ। इस दौरान अपर महाप्रबंधक (एचएसई) ने बताया कि इकाई प्रमुख के नेतृत्व में सस्टेनेबल ग्रोथ (सतत विकास) और हरित बीएचईएल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नेट जीरो लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भारत सरकार और कॉर्पोरेट बीएचईएल के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। मैनेजमेंट ने ऑडिट टीम को आश्वस्त किया कि भविष्य में भी सुझावों और कमियों पर सकारात्मक रूप से त्वरित कार्य किया जाएगा।
सीआईआई टीम का फीडबैक और सराहना
सीआईआई के ऑडिटर दल (के. के. चक्रवर्ती, राजेश चंद्रा और सोहेल खान) ने ऑडिट के दौरान आपसी संवाद, शॉप राउंड और दस्तावेजों के सत्यापन पर जोर दिया। टीम ने बीएचईएल भोपाल द्वारा अलग- अलग क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इसमें मटेरियल सेविंग (सामग्री की बचत), ऊर्जा संरक्षण, वेस्ट रिडक्शन (अपशिष्ट में कमी), पर्यावरण संरक्षण के अन्य अभिनव प्रयास आदि। इस मौके पर प्रबंधक राजकुमार मीना, उप महाप्रबंधक (एचएसई) गिरिराज अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
